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छात्रों के लिए बड़ा अवसर: ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में 10 लाख रुपये तक का पुरस्कार।

छात्रों के लिए बड़ा अवसर: ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में 10 लाख रुपये तक का पुरस्कार।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से छात्रों के लिए सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज (SFIC) की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत कक्षा 6वीं से लेकर PhD स्तर तक के विद्यार्थी अपनी समस्याओं के समाधान से जुड़े अभिनव आइडिया प्रस्तुत कर सकते हैं। चयनित आइडिया को 10 लाख रुपये तक का पुरस्कार दिया जाएगा।

💡 किन विषयों पर दे सकते हैं आइडिया?

चैलेंज में मुख्य रूप से इन क्षेत्रों से जुड़े समाधान आमंत्रित किए गए हैं—

  • पानी एवं कचरा प्रबंधन
  • प्रदूषण नियंत्रण
  • स्मार्ट खेती
  • ग्रामीण रोजगार
  • स्वास्थ्य सेवाएं
  • दिव्यांगजनों के लिए तकनीक
  • डिजिटल शिक्षा
  • कौशल विकास
  • सड़क एवं साइबर सुरक्षा
  • भाषा संबंधी समाधान

इनके अलावा AI, डेटा एनालिटिक्स, IoT, ड्रोन और AR/VR जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

👨‍🎓 कौन ले सकता है हिस्सा?

कक्षा 6 से 12: जूनियर स्तर पर समस्या का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करना होगा।
ITI/पॉलिटेक्निक: कम लागत वाला मॉडल या प्रोटोटाइप/टेस्ट तैयार किया जा सकता है।
UG-PG-PhD: बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले पायलट मॉडल, लागत, लाभार्थी और विस्तार की योजना प्रस्तुत करनी होगी।

📝 आवेदन कब तक?

समाचार में दी गई जानकारी के अनुसार रजिस्ट्रेशन 25 सितंबर से 24 अक्टूबर 2026 तक किया जा सकता है। विद्यार्थी sevafirst.mic.gov.in पर निशुल्क आवेदन कर सकते हैं। स्कूल स्तर के विद्यार्थी मोबाइल नंबर और OTP के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

🏆 कितना मिलेगा पुरस्कार?

जूनियर, तकनीकी और ओपन—तीनों श्रेणियों में:

  • 🥇 प्रथम पुरस्कार: 10 लाख रुपये
  • 🥈 द्वितीय पुरस्कार: 5 लाख रुपये
  • 🥉 तृतीय पुरस्कार: 3 लाख रुपये

इस प्रकार प्रत्येक श्रेणी में पुरस्कार राशि का कुल मूल्य 18 लाख रुपये बताया गया है।

इसके अतिरिक्त दिल्ली और गुजरात में इनोवेशन पूल के लिए भी पुरस्कार का प्रावधान बताया गया है।

🔬 सिर्फ पुरस्कार नहीं, मिलेगा आगे बढ़ने का मौका

चयनित आइडिया को मेंटॉरशिप, प्रोटोटाइप तैयार करने में सहायता, इनोवेशन सपोर्ट, पेटेंट और फील्ड टेस्टिंग जैसी सुविधाओं से जोड़े जाने की जानकारी दी गई है। अच्छे समाधानों को सरकारी विभागों और स्थानीय निकायों के स्तर पर लागू करने के लिए भी आगे बढ़ाया जा सकता है।

PJS News के लिए खास बात: यह प्रतियोगिता केवल पुरस्कार जीतने का अवसर नहीं है, बल्कि छात्रों को अपनी समस्या-समाधान क्षमता को वास्तविक जीवन की जरूरतों से जोड़कर काम करने का मंच भी देती है।

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