Career Options After B.Ed : बैचलर ऑफ एजुकेशन यानि बी.एड. आजकल छात्रों के मध्य एक अत्यंत लोकप्रिय चुनाव बन गया है। खासकर शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए इच्छुक अभ्यर्थी बी.एड. करते हैं। अक्सर अभ्यर्थी बी.एड. के बाद के करियर ऑप्शन को लेकर उलझन में रहते हैं, कि इसके बाद वे किन-किन क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। अभ्यर्थियों की इस उलझन को दूर करने के लिए हम इस लेख में आपको बताएँगे, कि बी.एड. के बाद आप किन क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं।

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बी.एड. करने के बाद क्या कर सकते हैं अभ्यर्थी?
अभ्यर्थी कई बार बी.एड. के बाद अन्य कौर्सेज़ के बारे में पता न होने के कारण प्राइवेट टीचिंग जैसे कॉमन पेशे को चुनते हैं। आइए जानते हैं अभ्यर्थी बी.एड. के बाद किन-किन क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं-
1. CTET- अभ्यर्थी बी.एड. के पश्चात सेंट्रल टीचर एलिजीबिलिटी टेस्ट यानि सीटेट परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। यह एक पात्रता परीक्षा है, जो सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकण्डरी एजुकेशन (CBSE) द्वारा आयोजित कराई जाती है। इस परीक्षा के माध्यम से केंद्र के शासकीय व शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक होने वाली शिक्षक पद नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों की पात्रता तय की जाती है।
2. State TET Exams- अभ्यर्थी बी.एड. के बाद सीटेट की ही भांति राज्यों में आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा/अध्यापक पात्रता अपरीक्षाओं में भाग ले सकते हैं। इन परीक्षाओं के माध्यम से संबन्धित राज्य के विद्यालयों में वर्ग 2 व वर्ग 3 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों की पात्रता निर्धारित की जाती है। बता दें, कुछ राज्य बी.एड. अभ्यर्थियों को पीआरटी (प्राइमरी स्कूल टीचर) स्तर की शिक्षक पद नियुक्ति में आवेदन की मान्यता नहीं देते हैं।
3. TGT/PGT- चूँकि बी.एड. एक उच्चस्तरीय डिग्री कोर्स है, अतः बी.एड. उत्तीर्ण अभ्यर्थी विद्यालयों में होने वाली टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) तथा पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) स्तर की शिक्षक पद नियुक्तियों में भी भाग ले सकते हैं। बता दें, टीजीटी नियुक्तियाँ कक्षा 9वीं व 10वीं के शिक्षक पदों के लिए तथा पीजीटी कक्षा 11वीं व 12वीं के शिक्षक पदों के लिए आयोजित कराई जा सकती है।
4. M.Ed.- अभ्यर्थी बी.एड. के बाद एम.एड. भी कर सकते हैं। एम.एड. यानि मास्टर ऑफ एजुकेशन बी.एड. का ही परास्नातक डिग्री कोर्स है। इसके जरिये अभ्यर्थी कॉलेज में बी.एड. अभ्यर्थियों के शिक्षक के रूप में कार्य कर सकते हैं।
5. Private Teacher- यदि अभ्यर्थी इन सभी शासकीय शिक्षक पदों पर कार्य नहीं करना चाहते, तो वे किसी स्वचालित/अशासकीय विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्य कर सकते हैं।
6. Principal/Vice Principal/Head Teacher/Educational Counsellor- शिक्षक पद पर 6 से 7 वर्षों के अनुभव के पश्चात अभ्यर्थी किसी विद्यालय में प्राचार्य/उप-प्राचार्य/मुख्य शिक्षक/शैक्षिक परामर्शडाटा (सलाहकार) भी बन सकते हैं।
7. Open a School- anubhavi बी.एड. धारक अभ्यर्थी, जिन्हें शिक्षक के रूप में अनुभव हो, उन्हें स्वचालित विद्यालय चलाने की अनुमति भी सरलता से दे दी जाती है।
8. BEO- यदि बी.एड. अभ्यर्थी शिक्षक के रूप में कार्य नहीं करना चाहते, तो वे खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) पद के लिए आवेदन कर सकते हैं।
9. Education Havildar- बी.एड. अभ्यर्थी सेना में एजुकेशन हवलदार के पदों के लिए अभी आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशन हवलदार की नियुक्ति आर्मी में सैनिकों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षक के तौर पर की जाती है।
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